Tanhaji movies 2019

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Director- Om Raut

Artists- Ajay Devgan, Saif Ali Khan, Kajol, Sharad Kelkar

The story of Chhatrapati Shivaji Maharaj's close friend and heroic Maratha chieftain Tanhaji Malusare is a gallant saga. Tanhaji's father assigns the responsibility of Swaraj's dream before death to the strong hands of Tanhaji and says- "People leave their will, I am leaving my debt, freedom of soil." Considered to be the right hand of Shivaji Maharaj and the sword of trust, this story of Tanhaji presents patriotism, passion and valor in the best way.

Tanhaji Review
Movie story

Swaraj is the dream of Chhatrapati Shivaji Maharaj (Sharad Kelkar), who lives in the heart of every Maratha.
The story of the film is a story of war between the Marathas and the Mughals. The Mughal Sultanate under Aurangzeb was becoming more powerful day by day. Many Rajput kings met him. Now Aurangzeb wants to grow his empire. The Mughals fraudulently capture 23 forts of the Marathas, one of which is the fort of Kondhana. The news reaches Shivaji Maharaj that Kondhana will be the center of Mughal in South India, just as Delhi is the center of North India. And for this attack Aurangzeb sends his loyal Udayabhan Rathore (Saif Ali Khan) towards Kondhana. Shivaji Maharaj now wants to stop Udaybhan somehow. Here Subedar Tanhaji (Ajay Devgan) is busy with his son's wedding and Shivaji Maharaj does not want to disturb his happiness. But as soon as Tanhaji gets the news of the attack, he decides to leave the son's marriage and pay the debt. Now how Tanaji saves Kondhana's fortress from Udaybhan's huge army and waving saffron on it, with this the story moves forward.



Tanhaji Review
acting

Ajay Devgan has played a lot in the character of Subedar Tanhaji Malusare. Acting in the first half looks somewhat staggering, but Ajay Devgan looks fantastic in the second half of the film. In one scene, the relationship of Tanhaji and Shivaji Maharaj is compared to the friendship of Krishna-Sudama. The dialogue between the two will fill you with sensations. The spirit of valor, honor and patriotism is very much reflected in the gesture of Ajay Devgan. Sharad Kelkar has fully settled into the character of Chhatrapati Shivaji Maharaj. He is very precise and honest. Savitribai Malusare has become Kajol, who has made emotional scenes in her name. At the same time, the people who are standing tall in front of Tanhaji are Saif Ali Khan in the role of Udaybhan Rathod, who does a remarkable job. Even after getting close to death in Climax, the cruel laugh on Udaybhan's face will make you hate the character. As co-stars Luke Kenny, Jagapathi Babu, Neha Sharma have done justice to their characters.



Tanhaji Review
Direction

Om Raut has taken a page from history, which not many people have read or heard. Hence, he has taken a lot of creative freedom in the film. But the good thing is that he did not allow the film to go beyond the story of Tanhaji. The screenplay of the film is strong, which also has an impact on directing. The director gave every character a chance to fully emerge. Be it the dialogues between Tanhaji and Shivaji Maharaj, or those of Tanhaji and Savitri .. every relationship has emerged well. At the same time, the film reaches a different height as it goes to Climax. The action scene filmed between Tanhaji and Udaybhan Rathore is excellent.



Tanhaji Review
Technical aspect

The film is made in 3D, obviously even a small mistake about VFX could be overshadowed. But it has become the strong side of the film. From which this story of Shaurya emerges even more. Technically, the film does a good job. The choreography of the action sequences has been tremendous, which impresses in 3D. Keiko Nakahara's cinematography is excellent, while the tight editing of Dharmendra Sharma has strengthened the film. Especially would like to compliment the film's background score given by Sandeep Shirodkar, which gives a different height to each scene.



Tanhaji Review
music

The music of the film is given by Ajay-Atul, Sachet-Tradition and Mehul Vyas. While the songs are written by Swanand Kirkire and Anil Verma. There are four songs in the film, which carry the story forward. The film's music is above average. Boasting and mother Bhavani resonate in the ears for a long time.



Tanhaji Review
See or not see

Movies made on history are like a lesson. Many warriors lost their lives in the fight to keep external forces out of the soil of India. With the film Tanhaji, director Om Raut takes you to the pages of history where some brave warriors were left anonymous. Tanhaji Malusare was a close friend and heroic Maratha chieftain of Chhatrapati Shivaji Maharaj. The film is a story of heroism, truth and patriotism of Tanhaji. Which must be seen.



HINDI


निर्देशक- ओम राउत

कलाकार- अजय देवगन, सैफ अली खान, काजोल, शरद केलकर

छत्रपति शिवाजी महाराज के घनिष्ठ मित्र और वीर निष्ठावान मराठा सरदार तान्हाजी मालुसरे की यह कहानी एक शौर्य गाथा है। तान्हाजी के पिता मृत्यु से पहले स्वराज के सपने की जिम्मेदारी तान्हाजी के मजबूत हाथों में सौंपते हैं और कहते हैं- "लोग वसीयत छोड़कर जाते हैं, मैं कर्ज़ छोड़कर जा रहा हूं, मिट्टी की आज़ादी।" शिवाजी महाराज का दाहिना हाथ और भरोसे की तलवार माने जाने वाले तान्हाजी की यह कहानी देशभक्ति, जुनून और वीरता को बेहतरीन ढ़ंग से पेश करती है।

तान्हाजी रिव्यू
फिल्म की कहानी

छत्रपति शिवाजी महाराज (शरद केलकर) का सपना है स्वराज, जो हर मराठा के दिल में बसता है।
फिल्म की कहानी मराठों और मुगलों के बीच जंग की कहानी है। औरंगज़ेब शासित मुगल सल्तनत दिन ब दिन और अधिक शक्तिशाली होती जा रही थी। कई राजपूत राजा उनसे जा मिले थे। अब औरंगजेब अपने साम्राज्य को बढ़ाना चाहता है। मुगल धोखे से मराठों के 23 किलों को अपने कब्ज़े में कर लेते हैं, जिसमें से एक है कोंढ़णा का किला। शिवाजी महाराज तक खबर पहुंचती है कि जिस तरह उत्तर भारत का केंद्र है दिल्ली, उसी तरह दक्षिण भारत में मुगल का केंद्र होगा कोंढ़णा। और इस आक्रमण के लिए औरंगज़ेब अपने वफादार उदयभान राथौड़ (सैफ अली खान) को कोंढ़णा की ओर रवाना करते हैं। शिवाजी महाराज अब किसी भी तरह उदयभान को रोकना चाहते हैं। इधर सुबेदार तान्हाजी (अजय देवगन) अपने बेटे की शादी में व्यस्त है और शिवाजी महाराज नहीं चाहते कि वह उनकी खुशी में खलल डालें। लेकिन तान्हाजी को जैसे ही आक्रमण की खबर लगती है, वह बेटे की शादी छोड़ मिट्टी का कर्ज़ अदा करने की ठान लेते हैं। अब तानाजी किस तरह कोंढ़णा के किले को उदयभान की विशाल सेना से बचाते हैं और उस पर भगवा लहराते हैं, इसी के साथ कहानी आगे बढ़ती है।



तान्हाजी रिव्यू
अभिनय

सुबेदार तान्हाजी मालुसरे के किरदार में अजय देवगन खूब जंचे हैं। फर्स्ट हॉफ में अभिनय कुछ डगमगाती दिखती है, लेकिन फिल्म के दूसरे हॉफ में अजय देवगन शानदार लगे हैं। एक दृश्य में तान्हाजी और शिवाजी महाराज के रिश्ते की तुलना कृष्ण- सुदामा की मित्रता से की गई है। दोनों के बीच का संवाद आपको संवेदनाओं से भर देगा। अजय देवगन के हाव भाव में शौर्य, सम्मान और देशभक्ति की भावना खूब झलकती है। छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में शरद केलकर पूरी तरह से रच बस गए हैं। वह बेहद सटीक और सच्चे लगे हैं। सावित्रीबाई मालुसरे बनीं हैं काजोल, जो इमोशनल दृश्यों को अपने नाम कर गई हैं। वहीं, तान्हाजी के सामने जो जमकर टिके हैं वो हैं उदयभान राथौड़ के किरदार में सैफ अली खान, जो उल्लेखनीय काम कर जाते हैं। क्लाईमैक्स में मौत के करीब पहुंचकर भी उदयभान के चेहरे पर क्रूर हंसी आपको किरदार से नफरत करने पर मजबूर कर देगी। बतौर सह कलाकार ल्यूक केनी, जगपति बाबू, नेहा शर्मा ने अपने किरदारों के साथ न्याय किया है।



तान्हाजी रिव्यू
निर्देशन

ओम राउत ने इतिहास से एक ऐसा पन्ना उठाया है, जिसके बारे में ज्यादा लोगों ने पढ़ा या सुना नहीं है। लिहाजा, फिल्म में उन्होंने खूब रचनात्मक स्वतंत्रता ली है। लेकिन अच्छी बात है कि उन्होंने फिल्म को तान्हाजी की कहानी से इतर नहीं होने दिया। फिल्म की पटकथा मजबूत है, जिसका प्रभाव निर्देशन पर भी दिखता है। निर्देशक ने हर किरदार को पूरी तरह से उभरने का मौका दिया। तान्हाजी और शिवाजी महाराज के बीच के संवाद हों, या तान्हाजी और सावित्री के.. हर रिश्ता बखूबी उभरा है। वहीं, क्लाईमैक्स तक जाते जाते फिल्म अलग ऊंचाई पर पहुंच जाती है। तान्हाजी और उदयभान राथौड़ के बीच फिल्माया गया एक्शन सीन उम्दा है।



तान्हाजी रिव्यू
तकनीकि पक्ष

फिल्म 3डी में बनाई गई है , जाहिर है वीएफएक्स को लेकर छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती थी। लेकिन यह फिल्म का मजबूत पक्ष बन पड़ा है। जिससे यह शौर्य की कहानी और भी उभर कर आती है। तकनीकी तौर पर फिल्म में अच्छा काम किया गया है। एक्शन दृश्यों की कोरियोग्राफी जबरदस्त की गई है, जो 3डी में प्रभावित कर जाता है। Keiko Nakahara की सिनेमेटोग्राफी बेहतरीन है, वहीं धर्मेंद्र शर्मा की चुस्त एडिटिंग ने फिल्म को मजबूत बनाया है। खासतौर पर तारीफ करना चाहेंगे संदीप शिरोडकर द्वारा दिए गए फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर का, जो हर दृश्य को एक अलग ऊंचाई दे जाता है।



तान्हाजी रिव्यू
संगीत

फिल्म का संगीत अजय- अतुल, सचेत- परंपरा और मेहुल व्यास ने दिया है। जबकि गाने लिखे हैं स्वानंद किरकिरे और अनिल वर्मा ने। फिल्म में चार गाने हैं, जो कि कहानी को आगे ले जाते हैं। फिल्म का संगीत औसत से ऊपर है। घमंड कर और मां भवानी कानों में लंबे समय तक के लिए गूंजते हैं।



तान्हाजी रिव्यू
देंखे या ना देंखे

इतिहास पर बनी फिल्में एक सबक की तरह होती हैं। भारत की मिट्टी से बाहरी ताकत को दूर रखने की लड़ाई में कई योद्धाओं ने अपनी जान गंवाई। फिल्म तान्हाजी के साथ निर्देशक ओम राउत आपको इतिहास के उन पन्नों में ले जाते हैं, जहां कुछ वीर योद्धा गुमनाम रह गए थे। तान्हाजी मालुसरे छत्रपति शिवाजी महाराज के घनिष्ठ मित्र और वीर निष्ठावान मराठा सरदार थे। यह फिल्म तान्हाजी की वीरता, सच्चाई और देशभक्ति की कहानी है। जिसे जरूर देखा जाना चाहिए। 

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